वंदना जोशी

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वंदना जोशी
वंदना जोशी

वंदना जोशी नागपुर, महाराष्ट्र की वासी हैं, वह पानी के ऊपर रंगोली बनाने वाली विश्व की पहली महिला हैं और वह ७ फरवरी २००४, को दुनिया की सबसे बड़ी रंगोली बनाकर गिनीज बुक आफ व‌र्ल्ड रिकार्ड में भी अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं।[१]


२२वें सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले के उद्घाटन अवसर पर रंगोली बनाने के लिए हरियाणा के पर्यटन मंत्रालय ने वंदना जोशी को विशेष तौर पर आमंत्रित किया था। रंगोली महाराष्ट्र की लोक कला है। महाराष्ट्र में लोग अपने घरों के दरवाज़े पर सुबह के समय रंगोली इसलिए बनाते हैं, ताकि घर में कोई बुरी ताक़त प्रवेश न कर सके। ७ फरवरी २००४ को उन्होंने विश्व की सबसे बड़ी रंगोली बनाई थी, जिसके कारण उनका नाम गिनीज बुक आफ व‌र्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हुआ। वह प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की १५०वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोहों तथा गीता जयंती महोत्सव में भी रंगोली बना चुकी हैं। इसके अतिरिक्त देश विदेश में बहुत से महत्वपूर्ण अवसरों पर उन्हें रंगोली बनाने के लिए आमंत्रित किया जा चुका है। उनका विश्वास है कि पहली रंगोली राम के वनवास के समय बनाई गई। जब सीता के कहने पर हिरण के पीछे गए राम की खोज में लक्ष्मण निकले तो वे सीता के इर्द गिर्द रंगों की एक विशेष प्रकार की लकीर खींच गए और तभी से रंगोली बनाने की शुरुआत हुई। देश-विदेश में रंगोली बनाने का चलन महाराष्ट्र से ही फैला। पानी के ऊपर रंगोली बनाने में भी उन्हें महारत हासिल है। पानी के ऊपर रंगोली बनाने के लिए उन्हें खास तरह के रंगों का इस्तेमाल करना पड़ता है जो पानी के संपर्क में आते ही खूबसूरती बयां करने लगते हैं।

[संपादित करें] संदर्भ

  1. पानी के ऊपर भी रंगोली (एचटीएमएल)। जागरण। अभिगमन तिथि: १७ मार्च, 2008