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मेरे युवा साथियों , जय हिन्द वंदे वेद मातरम् |

|| दिव्य संदेश ||

जब देश आजाद हुआ तो गांधीजी ने सभी से सहायता मांगी | क्योंकि देश की आजादी का प्रश्न सभी के लिए था | इसी तरह धरती पर स्वर्ग लाना सबका प्रश्न है | इससे सभी को स्वर्ग मिलेगा | अतः सबसे सहयोग माँगा जा रहा है|

आज परम्परा चालाकी की होती जा रही है | ईमानदारी में चालाकी नही होती | आज आदमी बुद्धि का प्रयोग कर रहा है | आज संवेदना समाप्त हो गयी | यह परम्परा क्या समाज के हित मे है ? इसके दूरगामी परिणाम देखे तो यह हमारे हित मे नही है |

तो जिस समाज मे इस चालाकी की परम्परा हो जायेगी तो चालाक आदमियों की संख्या समाज मे ९९ प्रतिशत हो जायेगी और और सज्जनों की संख्या १ प्रतिशत होगी तो आप सोचिये की आप १ जगह धोखा दोगे और ९९ जगह धोखा खाओगे | यह फायदे का सौदा नही है | इससे सभी का नुकसान होता है |

तो धरती पर देवत्व लाना सभी का काम है | धरती पर स्वर्ग आएगा | धरती पर जितनी समस्याये है वह पूरे संसार की है अतः सभी को सहयोग करना होगा |

|| विचार क्रांति अभियान ||

प्राचीन काल मे संत समाज वाणी द्वारा ही जनमानस को दिशा एवम प्रेरणा देने का कार्य बड़ी सफलता के साथ करता रहा है | इसी श्रेष्ट परम्परा को लक्ष्य करके एक मंच की स्थापना की गयी है | इस मंच का नाम " जन मानस परिष्कार मंच " है |

इस मंच के माध्यम से email द्वारा प्रतिदिन आपको एक विचार प्राप्त होगा | उस विचार पर आप दो मिनिट के लिए सोच विचार करे |

आपको क्या करना है ?

प्रतिदिन विचार प्राप्त करने के लिए आप अपना नाम और ई मेल पता हमे personallywebpage@gmail.com पर भेज दे | आपको प्रतिदिन एक अनमोल विचार प्राप्त होता रहेगा | आप email द्वारा प्राप्त उस विचार को email द्वारा ही अपने परिजनों को प्रेषित (Forward) कर दे | इस कार्य मे आपका दो मिनिट का समय लगेगा | जिन्हे यह विचार प्राप्त होगा वे परिजन भी ऐसा ही करते रहेंगे | इस तरह एक अनमोल विचार अनेको तक पहुँचता रहेगा |

मंच की आगामी योजना मे इन सभी विचारो को ब्लोग्स ( वेबसाइट ) मे संकलित किया जाना है | वे सभी ब्लोग्स भी सभी के लिए उपलब्ध रहेंगे | इन्टरनेट पर हिंदी भाषा के वर्चस्व को बढ़ाने के लिए हिंदी भाषा को प्रधानता दी जायेगी |

निःसंदेह यह प्रयास सभी के लिए प्रेरक व मार्गदर्शक होगा |

धरती पर स्वर्ग का अवतरण तो होना ही है|इसमे किसी को शंका नही होनी चाहिए |

नवयुग यदि आएगा तो विचार शोधन द्वारा ही, क्रान्ति होगी तो वह लहू और लोहे से नही, विचारो की विचारो से काट द्वारा होगी, समाज का नवनिर्माण होगा तो वह सद् विचारो की स्थापना द्वारा ही संभव होगा |

आप भी प्रतिदिन प्राप्त होने वाले इस मेल को परिजनों को forward करने मात्र से इस पुण्य प्रक्रिया मे भागीदार हो सकते है |

इसलिए आपको यह सहयोग करना ही होगा |

यह सम्पूर्ण योजना परम पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री राम जी शर्मा के सुक्ष्म सानिध्य मे संपन्न हो रही है | इस कार्य के बदले हमें इस सूक्ष्म सत्ता का संरक्षण प्राप्त होता रहेगा | यह हमारी सूक्ष्म सत्ता का वादा है |

समय के साथ योजना को विस्तृत किया जाता रहेगा |

आप इस http://yugnirman.blogspot.comवेब पेज को बुकमार्क करले | इस दिव्य संदेश के उपर जो वेब लिंक है उनमे प्रतिदिन आपको हिन्दी मे नए नए अनमोल विचार मिलेंगे | प्रतिदिन किसी भी समय एक बार इस वेब पेज का अवश्य अवलोकन करे |

विचार क्रांति की यह योजना आप सभी के सहयोग से ही संपन्न होगी |

मन मे पूर्ण विश्वास के साथ की आप भी प्रतिदिन ईमेल द्वारा प्राप्त विचार को अपने परिजनों को प्रेषित करने का संकल्प लेंगे एवम " जन मानस परिष्कार मंच " के सक्रिय सदस्य बन कर युग निर्माण योजना को सफल बनायेंगे|

आपके अनमोल सुझाव आमंत्रित है |

|| वंदे वेद मातरम् ||

स्थापना दिवस - १८ जुलाई २००८ गुरुपूर्णिमा हार्दिक शुभकामनाये |

आपके स्नेहाधीन

राजेंद्र माहेश्वरी पोस्ट- आगूंचा , जिला - भीलवाडा, पिन - ३११०२९ ( राजस्थान ) भारत ईमेल personallywebpage@gmail.com http://yugnirman.blogspot.com/ स्वरदूत - 01483-225554, 0992982789

हिन्दी का फायरफाक्स जारी होने वाला है.